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यात्रा पंच केदार Yatra Panch Kedar I Yatra Kedarnath I यात्रा केदारनाथ I Yatra Holy Places,HD Video

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T-Series Bhakti Sagar
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Subscribe: http://www.youtube.com/tseriesbhakti Music Label: T-Series पंच केदार में प्रथम केदार भगवान केदारनाथ हैं, जिन्हें बारहवें ज्योर्तिलिंग के रूप में भी जाना जाता है। द्वितीय केदार मद्महेश्वर हैं। तृतीय केदार तुंगनाथ, चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ और पंचम केदार कलेश्वर हैं। पंच केदार की कथा है कि महाभारत युद्ध में विजयी होने पर पांडव भ्रातृहत्या के पाप से मुक्ति पाना चाहते थे उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय क्षेत्र में स्थित ‘पंच-केदार’ भगवान शिव को समर्पित पाँच पवित्र जगहें हैं। इन तीर्थ स्थलों में केदारनाथ (3,583 मीटर ऊँचा) तुंगनाथ (3,680 मीटर ऊँचा), रूद्रनाथ (2,286 मीटर ऊँचा), मदमहेश्वर (3,490 मीटर ऊँचा) और कल्पेश्वर (2,200 मीटर ऊँचा) शामिल है। मान्यता है कि महाभारत के युद्ध के बाद पांडव भगवान शिव से अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए यहाँ तप करने आए थे। स्वगोत्र हत्या के दोषी पांडवों को भगवान शिव दर्शन नहीं देना चाहते थे। शिव जैसे ही महिष (भैंस) का रूप धारण कर धरती में समा रहे थे वैसे ही भीम ने उन्हें पहचान कर पीठ के ऊपरी हिस्से को आधे जमीन में समाया हुआ पकड़ लिया था। फिर शिव ने उनको दर्शन देकर पापों से मुक्त किया था। उसके बाद से ही भैंस की पीठ की आकृति-पिंड रूप में भगवान शिव केदारनाथ मंदिर में पूजे जाते हैं। शिव के अन्य भाग पूरे गढ़वाल क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर स्थापित हैं। - केदारनाथ में कूबर - तुंगनाथ में हाथ (बाहू) - रूद्रनाथ में चेहरा (मुख) - मद्महेश्वर में नाभि (नाभि) - कल्पेश्वर में बाल (जटा) If You like the video don t forget to share with others & also share your views. Stay connected with us!!! ► Subscribe: http://www.youtube.com/tseriesbhakti ► Like us on Facebook: https://www.facebook.com/BhaktiSagarTseries/ ► Follow us on Twitter: https://twitter.com/tseriesbhakti For Spiritual Voice Alerts, Airtel subscribers Dial 589991 (toll free) To set popular Bhakti Dhun as your HelloTune, Airtel subscribers Dial 57878881

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